Chamunda Devi Aarti | माँ चामुण्डा देवी जी की आरती | Chamunda Mata Ki Aarti

माँ चामुण्डा देवी जी की आरती जय अम्बे गौरी मैया जय मंगल मूर्ति । तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिव री ॥टेक॥ मांग सिंदूर बिराजत टीको मृगमद को । उज्ज्वल से दोउ नैना चंद्रबदन नीको ॥जय॥ कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजै। रक्तपुष्प गल माला कंठन पर साजै ॥जय॥ केहरि वाहन राजत खड्ग खप्परधारी । सुर-नर […]

Guru Nanak ji ki Aarti | गुरुनानक जी की आरती | Gagan Mein Thaal Aarti

गुरुनानक जी की आरती गगन में थालु रवि चंदु दीपक। बने तारिका मण्डल जनक मोती।। धूपमल आनलो पवणु चवरो करे। सगल बनराई फूलंत जोति ।। कैसी आरती होई भवखंडना तेरी आरती। अनहता सबद बाजंत भेरी रहाउ।। सहस तव नैन नन नैन है ‍तोहि कउ। सहस मू‍रती मना एक तोही।। सहस पद विमल रंग एक पद […]

Kali Mata Aarti | श्री काली मां की आरती | Kali Mata Ki Aarti

श्री काली मां की आरती मंगल की सेवा, सुन मेरी देवा, हाथ जोड़ तेरे द्वार खड़े । पान सुपारी ध्वजा नारियल, ले ज्वाला तेरी भेंट धरे। सुन जगदम्बे कर न विलम्बे, सन्तन के भण्डार भरे। संतन प्रतिपाली सदाखुशहाली, जै काली कल्याण करे॥ बुद्धि विधाता तू जगमाता, मेरा कारज सिद्ध करे। चरण कमल का लिया आसरा, […]

Shri Krishna Aarti | श्री कृष्ण की आरती | Krishna Aarti Translation

श्री कृष्ण की आरती ॐ जय श्री कृष्ण हरे प्रभु जय श्री कृष्ण हरे भक्तन के दुःख सारे पल में दूर करे || ॐ जय || परमानन्द मुरारी मोहन गिरधारी जय रस रास बिहारी जय जय गिरधारी || ॐ जय || कर कंकन कोटि सोहत कानन में बाला मोर मुकुट पीताम्बर सोहे बनमाला || ॐ […]

Kali Mata Aarti | काली माता आरती | Kali Mata Ki Aarti

काली माता आरती जय काली माता, मा जय महा काली माँ | रतबीजा वध कारिणी माता | सुरनर मुनि ध्याता, माँ जय महा काली माँ || दक्ष यज्ञ विदवंस करनी माँ शुभ निशूंभ हरलि | मधु और कैितभा नासिनी माता | महेशासुर मारदिनी…ओ माता जय महा काली माँ || हे हीमा गिरिकी नंदिनी प्रकृति रचा […]

Shri Satyanarayan Aarti | श्री सत्यनारायण जी आरती | Satyanarayan Bhagwan Ki Aarti

श्री सत्यनारायण जी आरती जय लक्ष्मी रमना जय जय श्री लक्ष्मी रमना सत्यानारयाना स्वामी जन पटक हरना रत्ना जडित सिंघासन अद्भुत छबि राजे नारद करत निरंजन घंटा ध्वनि बाजे प्रकट भये कलि कारन द्विज को दरस दियो बुधो ब्रह्मिन बनकर कंचन महल कियो दुर्बल भील कराल जिनपर किरपा करी चंद्रचूड एक राजा तिनकी विपति हरी […]

Shri Vishnu Aarti | श्री विष्णु आरती | Om Jai Jagadish Hare Aarti

श्री विष्णु आरती ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे | भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे | ॐ जय जगदीश हरे || जो ध्यावे फल पावे, दुःखबिन से मन का, स्वामी दुःखबिन से मन का | सुख सम्पति घर आवे, सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन […]

Lord Vitthal Aarti | श्री विठोबाची आरती | Yuge Atthavis |

श्री विठोबाची आरती युगें अठ्ठावीस विटेवरी उभा। वामांगी रखुमाई दिसे दिव्य शोभा। पुण्डलिकाचे भेटी परब्रह्म आलें गा। चरणी वाहे भीमा उद्धरी जगा॥ जय देव जय देव जय पाण्डुरंगा। रखुमाईवल्लभा राईच्या वल्लभा पावें जिवलगा॥ तुळसीमाळा गळां कर ठेवुनि कटीं। कांसे पीताम्बर कस्तुरि लल्लाटी। देव सुरवर नित्य येती भेटी। गरुड हनुमन्त पुढे उभे राहती॥ जय देव जय […]

Shri Venkatesh Aarti | श्री व्यंकटेश आरती | Lord Venkatesh

श्री व्यंकटेश आरती शेषाचल अवतार तारक तूं देवा l सुरवर मुनिवर भावें करिती जन सेवा ll कमलारमणा अससी अगणित गुण ठेवा l कमलाक्षा मज रक्षुनि सत्वर वर द्यावा ll १ ll जय देव जय देव जय व्यंकटेशा l केवळ करूणासिंधु पुरविसी आशा ll धृ. ll हे निजवैकुंठ म्हणुनी ध्यातों मी तू तें l दाखविसी गुण […]

Aarti Kunj Bihari Ki | श्री कुंजबिहारी जी की आरती | krishna ji ki aarti

श्री कुंजबिहारी जी की आरती आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की। गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला। श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला। गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली। रतन में ठाढ़े बनमाली; भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक, चंद्र सी झलक; ललित छवि श्यामा प्यारी की॥ […]

0

Your Cart Is Empty

No products in the cart.