|| हनुमत्पञ्चरत्न स्तोत्र ||

हनुमत्पञ्चरत्न स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली भक्ति स्तोत्र है, जिसे आदि गुरु शंकराचार्य ने भगवान श्री हनुमान की महिमा का वर्णन करते हुए रचा। यह स्तोत्र पांच श्लोकों में संकलित है, जो भगवान हनुमान के रूप, गुण, और कार्यों का सुंदर चित्रण करते हैं। ✨हनुमत् पञ्चरत्नम् श्लोक वीताखिलविषयेच्छं जातानन्दाश्रुपुलकमत्यच्छम्।सीतापति दूताद्यं वातात्मजमद्य भावये हृद्यम्॥१॥⇒ तरुणारुणमुखकमलं करुणारसपूरितापाङ्गम्।सञ्जीवनमाशासे मञ्जुलमहिमानमञ्जनाभाग्यम्॥२॥⇒ […]

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